shahabad desk report arshad raza
अगर election commision सख्त और निष्पक्ष हो तो साफ सुथरा भय मुक्त मतदान करना सम्भव हो सकता है।इसका साफ उदाहरण सासाराम संसदीय क्षेत्र अंतर्गत kaimur ज़िला में देखने को मिला। ज़िला धिकारी सह election officer ने अपने पद व दायित्व का निर्वहन करते हुए अचार संहिता लागू होने से समाचार लिखे जाने तक अब तक एक शिक्षक और अभी कुछ दिन पहले मोहनिया के थानेदार बने अवधेश कुमार पर आचार संहिता मामले में करवाई की। दोनों पर करवाई वाइरल वीडियो और फ़ोटो की जांच के उपरांत की गई। शिक्षक को निलंबित किया गया वही थानेदार को लाइन हाजिर कर ते हुए चुनावी कार्य से अलग कर दिया गया है।
First एक्शन on Teacher
अचार संहिता उल्लंघन मामले में कार्रवाई करते हुए प्रखंड नियोजन समिति ने बैठक कर शिक्षक को निलंबित कर दिया है. निलंबित शिक्षक चैनपुर प्रखंड के डीहा उत्क्रमित मध्य विधालय में शिक्षक के पद पर कारयर्त थे, जो ग्राम लखमनपुर निवासी कालका प्रसाद के पुत्र संतोष कुमार प्रसाद है. यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के आधार पर की गई है, जिसमें उक्त शिक्षक एक पार्टी विशेष का प्रचार प्रसार करते नजर आ रहे थे.वीडियो वायरल होने के बाद जिला निर्वाची पदाधिकरी ने पूरे मामले को संज्ञान में लिया और त्वरित जांच के बाद करवाई किया।मामले को लेकर चैनपुर बीडीओ चंद्रभूषण गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि उत्क्रमित मध्य विद्यालय डीहा में शिक्षक पद पर कार्यरत संतोष कुमार प्रसाद का एक वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह एक पार्टी विशेष का प्रचार प्रसार करते नजर आ रहे है. इसके बाद से वायरल वीडियो की जांच प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी से करवाई गई थी, जिसके बाद इस मामले में चैनपुर अंचलाधिकारी द्वारा कार्रवाई करते हुए चैनपुर थाने में संबंधित शिक्षक के विरुद्ध प्राथमिकी जांच कराई गई.इसके बाद संतोष कुमार से मामले में 24 घंटे के अंदर स्पष्टीकरण करते हुए जवाब मांगा गया था. समय बीत जाने के बाद भी संतोष कुमार प्रसाद द्वारा कोई भी उत्तर नहीं दिया गया, जिसके बाद इस मामले में कार्रवाई करते हुए प्रखंड नियोजन समिति की हुई बैठक के दौरान सर्व सहमति से शिक्षक संतोष कुमार प्रसाद को निलंबित कर दिया गया
Second action on SHO Mohania
दूसरी कार्रवाई मोहनिया के थानेदार अवधेश कुमार पर की गई।एक फोटो वायरल हुआ था जिसमे mohniya के थानेदार awdhesh kumar एक जातिगत सम्मेलन में भाग लेते हुए सम्मानित होते हुए दिखाई दे रहे थे।फ़ोटो वाइरल होने के बाद ज़िला निर्वाची पदाधिकारी सह डीएम ने एसपी kaimur से जांच कर रिपोर्ट मांगी थी। जिसकी जांच मोहनिया SDPO Dileep kumar के द्वारा की गई।जिसमें मामले की सत्यता पाए जाने पर DM ने Election commision को एक लेटर भेजा था। जिसके आलोक में चुनाव आयोग पटना द्वारा थानेदार अवधेश कुमार को हटाने अनुशासतमिक कार्रवाई करने और चुनावी कार्य से दूर रखने का निर्देश दिया गया।


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