Patna : Bcci SGM में पहुंचे बिहार क्रिकेट के दिग्गज अब भ्रष्टाचारियों की खैर नहीं।

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बीसीसीआई एसजीएम में पहुंचे पूर्व सचिव संजय कुमार और आदित्य वर्मा, बिहार क्रिकेट के भ्रष्टाचार से कराया अवगत


मुंबई | बीसीसीआई मुख्यालय में आज स्पेशल जनरल मीटिंग यानी कि एसजीएम आहूत की गई जिसमें बीसीसीआई सचिव के पद पर देवजीत सैकिया तथा कोषाध्यक्ष पद पर प्रभतेज सिंह निर्विरोध चुने गए। हालांकि बिहार में बीसीसीआई सचिव से ज्यादा एक नए मामले ने धमाल मचा रखा है।

Bcci SGM session



एक तरफ जहां बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के दामन पर सैकड़ो दाग लगते दिखाई दे रहे हैं। वही बीसीए के पूर्व सचिव संजय कुमार तथा बिहार क्रिकेट एसोसिएशन को एक नया मुकाम दिलाने वाले आदित्य वर्मा एवं शिवसेना शिंदे गुट के बिहार के प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष कुमार बीसीसीआई के एसजीएम में पहुंचे और बिहार क्रिकेट एसोसिएशन व्याप्त भ्रष्टाचार की खबरों से बीसीसीआई सचिव एवं विषय अध्यक्ष को अवगत कराया।

हालांकि बिहार क्रिकेट एसोसिएशन में लगातार पैसे लेकर राज्य के बाहर के खिलाड़ियों को खिलाने का मामला बाजार में है एक तरफ कई ऑडियो वायरल हो रहे हैं जिसमें कौशल तिवारी नामक व्यक्ति जो कि बीसीए कार्यालय में कार्यरत है का नाम लगातार प्रकाश में है जिन पर आरोप है लाखों करोड़ों रुपए लेकर खिलाड़ियों को राज्य स्तरीय मुकाबले में मौका दिलाने का आरोप लगाया जा रहा है।

ऐसे में बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के वर्तमान पदाधिकारियों के सर में दर्द जरूर होगा जब यह मामला बीसीसीआई के कानों तक पहुंचा है हालांकि बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव संजय कुमार ने अपने कार्यकाल में एक अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट  टूर्नामेंट का सफल आयोजन कराया था। जो कि बिहार के लिए बड़ी बात थी। उसके बाद अभी तक रणजी ट्रॉफी को अगर छोड़ दिया जाए तो कोई बड़े मुकाबले बिहार में नहीं हुए हैं।लेकिन भ्रष्टाचार के खेल बड़े बड़े हुए हैं।

वहीं बीसीसीआई अध्यक्ष और सचिव से मिलने के बाद याचिकाकर्ता और सारण जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष आदित्य वर्मा ने बताया की बिहार क्रिकेट एसोसिएशन की मौजूदा हालात से बीसीसीआई अध्यक्ष और सचिव को अवगत करा दिया गया है । हमारा प्रयास है कि जिस तरह से बीसीए अध्यक्ष राकेश तिवारी ने लगातार बीसीए में भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों को सह दिया है और बिहार क्रिकेट में भ्रष्टाचार चरम पर ला दिया है इसके खिलाफ खिलाड़ियों के भविष्य के लिए लड़ाई जारी रखूंगा। जिस तरीके से झारखंड से बिहार अलग होने पर मान्यता के लिए अंतिम समय तक लड़ता रहा उसी तरह बीसीए अध्यक्ष राकेश तिवारी के चंगुल से बिहार क्रिकेट को निकाल कर बिहार के खिलाड़ियों को न्याय दिला कर ही दम लूंगा।

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