फर्जी पत्रकारो की जब पुलिस ने की धुलाई तो उगलने लगे सारे राज

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कैमूर से सटे वाराणसी में आधा दर्जन से ऐसे फर्जी पत्रकारों के गिरोहों का पर्दाफाश हुआ है जो पत्रकारिता के नाम पर अवैध उगाही का काम कर रहे थे। फर्जी तरीके से बने पत्रकार यहां तक कि पान की गुमटियों के दुकानदार को भी नही छोड़ते थे। कम से कम 10 रुपये तक कि वसूली कर असली पत्रकरो की छवि को धूमिल करने का काम कर रहे थे।

आज 9 फर्जी पत्रकार धरे गए वाराणसी में। इन कमबख्तों ने वास्तविक और पारंपरिक पत्रकारों का जीना हराम किया हुआ था। जिले में फर्जी पत्रकारों की धरपकड़ के लिए जोन की पुलिस ने अभियान छेड़ा हुआ है। यूपी के सभी 75 जिलों में साशन ने ऐसे अभियान चलाने के आदेश जिला प्रशासन को गुप्त रूप से दिए हुए हैं। पकड़े गए स्वयंभू पत्रकारों की जब DCP प्रमोद कुमार ने खुद से अच्छी सुताई की, तो सभी तोते की भांति बोलने लगे कि वो छुटभईए नेताओं, ठेकेदारों, निगम कर्मचारियां, आढ़तियों, बिजली अधिकारियों, मछली व्यापारियों, पेड़ कटाई, नाई की दुकानों व सब्जी बेचने वालो से भी पत्रकार होने की धौंस दिखाकर संगठित तरीकों से लूटपाट करते थे। इनके कब्जे से एकाध नहीं, बल्कि तीन दर्जन से अधिक यूटयूब चैनलों की माईक आईडी बरामद हुई। फर्जी पत्रकारों के ऐसे गिरोह इस वक्त ज्यादातर जिलों में सक्रिय है। सतर्क रहें, सावधान रहें।

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